अब याद नहीं आते भोजपुरी के तुलसीदस कहे जाने वाले कवि बावला

मई 01, 2018
-एम. अफसर खां सागर हम फकीरों से जो चाहे दुआ ले जाए, फिर खुदा जाने किधर हमको हवा ले जाए, हम सरे राह लिये बैठे हैं चिंगारी, जो भी चाहे चराग...Read More